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मप्रः खुले बोरवेल में गिरी ढाई साल की मासूम की मौत, मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया दुख

– आठ घंटे चले रेस्क्यू के बाद बोरवेल के गड्ढे से बच्ची को निकाला लेकिन नहीं बच पाई जान

भोपाल (Bhopal)। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा (Vidisha) में मंगलवार को बोरवेल के खुले गड्ढे में गिरी (fell open borewell) एक ढाई साल की बच्ची (two and a half year old girl) को बचाया नहीं जा सका। करीब आठ घंटे चले रेस्क्यू (Rescue lasted for eight hours) के बाद उसे बाहर निकाला गया और उसे तत्काल एंबुलेंस से सिरोंज के अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने बच्ची के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

एसडीएम हर्षल चौधरी ने बताया कि घटना जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर सिरोंज-कुरवाई रोड पर ग्राम कजरी बरखेड़ा की है। यहां स्थानीय निवासी इंदर सिंह (पप्पू) की ढाई साल के बेटी अस्मिता मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे खेलते समय घर के आंगन में खुले पड़े बोरवेल के गड्ढे में गिर गई थी। वह बोरवेल की करीब 13 फीट की गहराई पर जाकर फंसी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशानिक अमला मौके पर पर पहुंच गया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जेसीबी और पोकलेन की मदद से बोरवेल के समानांतर गड्डा खोदा गया। फिर सुरंग बनाकर बच्ची तक पहुंचा गया। इस दौरान डॉक्टर को बोरवेल के समानांतर खोदे गए गड्ढे में भेजा गया। डॉक्टर ने वहीं पर बच्ची की प्राथमिक जांच भी की।

उन्होंने बताया कि करीब आठ घंटे से ज्यादा समय तक चले रेस्क्यू के बाद बच्ची को गड्ढे से बाहर निकाला और तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की जांच करने वाले डॉक्टर सुरेश अग्रवाल ने बताया कि बच्ची की मौत अस्पताल लाने के तीन-चार घंटे पहले ही हो चुकी थी। जब बच्ची को बाहर निकाला तो उसके हाथ पैर में अकड़न आ चुकी थी। सामान्य तौर पर किसी की मौत के बाद ऐसा 10-12 घंटे में होता है, लेकिन गीली मिट्टी की वजह से बच्ची की मौत के बाद उसकी बॉडी में अकड़न आ गई। इससे ऐसा माना जा रहा है कि बच्ची की मौत बोरवेल के अंदर ही हो चुकी थी।

विदिशा के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने बताया कि सिरोंज तहसील की पथरिया थाना क्षेत्र के ग्राम कजरी बरखेड़ा में घर के आंगन में बनाए जा रहे बोरवेल में गिरी ढाई वर्षीय बच्ची को सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के उपरांत बाहर निकाला गया। हमारी पहली प्राथमिकता बच्ची को रेस्क्यू कर बाहर निकालना था। बच्ची को वेंटिलेटर पर अस्पताल ले जाया गया, उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित किया है। उन्होंने बताया कि मामले में जांच की जाएगी। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा जिले में ढाई वर्ष की बच्ची अस्मिता की बोरवेल में गिरने से हुई असामयिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और होमगार्ड सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों के रेस्क्यू ऑपरेशन में अथक प्रयास के बाद भी दुर्भाग्य से बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवार की आर्थिक सहायता के निर्देश कलेक्टर विदिशा को दिए हैं।