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अगले 10 साल खेलेंगे यही खिलाड़ी : सचिन

कानपुर। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने आज विराट कोहली की अगुवाई वाली मौजूदा टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि खिलाड़ियों का यह दल अगले दशक तक खेलता रहेगा जिससे भारत विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा बनायेगा।
तेंदुलकर यहां बीसीसीआई के 500वें टेस्ट के जश्न के मौके पर आये हुए हैं। उन्होंने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘हमारी टीम का संयोजन अद्भुत है। इन खिलाड़ियों की सर्वश्रेष्ठ बात यह है कि ये युवा हैं और ये कुछ समय के लिये खेलेंगे। मैं इस टीम को आठ से 10 वर्ष तक खेलते हुए और विश्व क्रिकेट पर दबदबा बनाते हुए देखने की उम्मीद कर रहा हूं। तेंदुलकर भारत के 500 टेस्ट में से 40 प्रतिशत यानी 200 मैचों में खेल चुके हैं और वह टीम के संयोजन को देखकर खुश हैं।
उन्होंने कहा, हमारे पास आक्रामकता है और यह संतुलन सचमुच बढ़िया है। अगर हम इन्हीं खिलाड़ियों के साथ डटे रहे तो हमारे लिये आगे के दिन काफी अच्छे होंगे, निश्चित रूप से इसमें यहां वहां कुछ बदलाव जरूर होंगे, लेकिन अगर खिलाड़ी फिट हैं और बेहतर स्थिति में हैं तो ऐसा जरूर होगा। भारतीय टीम के 500वें टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा, इतिहास का हिस्सा होने के नाते मैं विश्वास करना चाहूंगा कि हम भी अगली पीढ़ी को प्रभावित करने में और कुछ छाप छोड़ने में शामिल रहे।
गेंदबाजों का भी ध्यान रखें खेल के कर्ताधर्ता
तेंदुलकर ने हालांकि कहा कि खेल को चलाने का काम देखने वालों को बल्ले और गेंद में उचित संतुलन ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा, बल्ले और गेंद से बेहतरीन संतुलन होना चाहिए। संतुलन ठीक नहीं है क्योंकि यह बल्लेबाजों के ज्यादा पक्ष में हैं, इसे सही होना चाहिए। टी20 में बल्लेबाज गेंदबाजों को धुन देते हैं। एक दिवसीय मैचों में 300 रन अब ज्यादा सुरक्षित लक्ष्य नहीं रह गया है। इसमें एक प्रारूप होना चाहिए जिसमें गेंदबाज बल्ले पर भारी पड़ें। विश्व क्रिकेट में सर्वाधिक रन जुटाने वाले इस बल्लेबाज ने पिच को ‘कानपुर का खास विकेट’ करार दिया।

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भारत की विश्व एमेच्योर गोल्फ में अच्छी शुरूआत
रिविरो माया। भारत के युवा दल ने यहां 30वीं विश्व एमेच्योर टीम चैम्पियनशिप में अच्छी शुरुआत की और पहले दौर के बाद वे 44वें स्थान पर थे। भारतीय टीम का कुल स्कोर पांच ओवर 147 का है जिसमें शीर्ष दो स्कोर ही जोड़े जाते हैं। इंदिरा लक्ष्मीनारायण आलाप ने दो ओवर 74 का कार्ड खेला जो तीनों भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ रहा। फालडो सीरीज एशिया के विजेता अर्जुन प्रसाद की शुरूआत काफी खराब रही लेकिन वह संभलने में कामयाब रहे और उनका स्कोर 74 का रहा। तीसरे भारतीय नावेद कौल ने पांच ओवर 76 का कार्ड खेला।

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संदीप पाटिल का खुलासा
तो सचिन टीम से बाहर कर दिए जाते......
नई दिल्ली। पूर्व भारतीय चयनकर्ता प्रमुख संदीप पाटिल ने चौंकाने वाला तथ्य सामने लाते हुये कहा है कि यदि सचिन तेंदुलकर वर्ष 2012 में वनडे क्रिकेट से संन्यास नहीं लेते तो उन्हें टीम से बाहर किये जाने की तैयारी थी। देश और दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन ने वर्ष 2012 में वनडे और एक वर्ष बाद 2013 में अपने 200वें मैच के साथ टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। हालांकि एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ‘रिकार्ड बुक’बनाने वाले और सर्वाधिक रन स्कोरर सचिन यदि उस वर्ष वनडे से संन्यास नहीं लेते तो चयनकर्ता उन्हें टीम से बाहर करने की तैयारी में थे।
बतौर भारतीय चयनकर्ता अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा कर चुके पाटिल ने एक मराठी चैनल से कहा तत्कालीन चयनकर्ता 12 दिसंबर 2012 को नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के टेस्ट मैच के दौरान सचिन से मिले थे। हमने सचिन से उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा था। उन्होंने साफ किया था कि वह संन्यास नहीं लेना चाहते हैं। लेकिन चयन समिति सचिन पर अपना निर्णय कर चुकी थी और बोर्ड को भी इसके बारे में सूचित कर दिया गया था।
पाटिल ने कहा सचिन हमारी बातों से समझ चुके थे कि क्या होने वाला है इसलिये जब हमारी अगली बैठक हुई तब सचिन ने बताया कि वह वनडे से संन्यास लेने वाले हैं। यदि सचिन यह निर्णय नहीं लेते तो निश्चित ही हम उन्हें टीम से बाहर कर देते।
पूर्व चयनकर्ता ने कहा सचिन टेस्ट पर अपना ध्यान अधिक लगाना चाहते थे। उन्होंने मुझे और संजय जगदाले को फोन किया। उसके बाद यह तय हुआ कि वह वनडे से संन्यास लेंगे। पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन ने 23 दिसंबर 2012 को वनडे से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने करियर में 463 वनडे खेले जिसमें 18426 रन बनाये जिसमें 46 शतक शामिल हैं।
इससे पहले भी पाटिल से उनके चयनकर्ता अध्यक्ष के रूप में आखिरी संवाददाता सम्मेलन में यह पूछा गया था कि क्या खराब फार्म से जूझ रहे सचिन को टेस्ट से संन्यास के लिये बाध्य किया गया था, तो पाटिल ने कहा था कि कुछ बातें सार्वजनिक मंच पर नहीं कही जा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि सचिन ने वनडे के एक वर्ष बाद 2013 में टेस्ट से भी संन्यास की घोषणा कर दी थी।
धोनी का सन्यास चौंकाने वाला था
पूर्व क्रिकेटर पाटिल ने साथ ही महेंद्र ंिसह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की खबर को भी चौंकाने वाला बताया। धोनी ने दिसंबर 2014 में आस्ट्रेलिया सीरीज के बीच में ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कुछ चीजें हमारे हिसाब से नहीं हुईं और हमारे एक सीनियर खिलाड़ी ने सीरीज के बीच में ही संन्यास की घोषणा कर दी। हमारे लिये यह बहुत चौंकाने वाला था। लेकिन यह उनका निर्णय था।

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आईसीसी ने कहा-
बिना सुरक्षा और शांति, पाक में क्रिकेट वापसी नहीं
लाहौर। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह से सुधार और शांत माहौल के बाद ही पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो सकती है। टेस्ट रैंकिंग में पाकिस्तानी टीम के नंबर वन बनने के बाद कप्तान मिस्बाह उल हक ने उम्मीद जताई थी कि देश में जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी हो। हालांकि आईसीसी अधिकारी ने साफ किया कि यह तभी संभव है जब पाकिस्तान में शांति और सुरक्षा का माहौल कायम हो।
रिचर्डसन ने कहा, मुझे पता है कि पाकिस्तान में क्रिकेट को लेकर काफी उत्साह है और इसलिये मैं जब भी यहां आता हूं तो इसका पूरा आंनद लेता हूं। लेकिन सुरक्षा स्थिति में सुधार होने के बाद ही पाकिस्तान में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लौटने के बारे में फैसला होगा।
उन्होंने कहा कि आईसीसी चाहता है कि पाकिस्तान समेत सभी सदस्य देश यहां पर क्रिकेट खेलें लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुये देश में सुरक्षा स्थिति में सुधार लाना होगा। मार्च 2009 में श्रीलंकाई टीम पर हुये आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान में एक भी टेस्ट सीरीज नहीं हुई है। उस हमले के बाद से अफगानिस्तान, जिम्बाबवे और केन्या जैसी टीमों ने ही सीमित ओवरों की सीरीज खेलने के लिये पाकिस्तान का दौरा किया है।
रिचर्डसन ने नंबर एक बनने पर पाकिस्तानी टीम की तारीफ करते हुये कहा, पाकिस्तान के लिये यह बहुत बड़ी उपलब्धि है कयोंकि पिछले छह वर्षों से उसने अपने सारे मैच घर के बाहर खेले हैं। मुझे विश्वास है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जरूर एक दिन पाकिस्तान लौटेगा और इसके लिये पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भी अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है ।

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