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पहली बार टेस्ट टीम के रूप में पड़ोसी

मुंबई। बांग्लादेश को टेस्ट टीम का दर्जा मिले 16 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है। बांग्लादेश ने नवंबर 2000 में टेस्ट डेब्यू किया था। उसने अपना पहला टेस्ट भारत के खिलाफ खेला था लेकिन तब से 16 साल 3 महीने के लंबे वक्त के बाद वह भारत की जमीन पर नौ फरवरी को पहली बार कोई टेस्ट खेलेगा। इस दौरान बांग्लादेश ने इंग्लैंड, न्यू जीलैंड, श्रीलंका, जिम्बॉब्वे, वेस्ट इंडीज और दक्षिण अफ्रीका का एक से ज्यादा बार दौरा कर चुका है और टेस्ट सीरीज खेल चुका है। उसने आॅस्ट्रेलिया में भी उसके खिलाफ टेस्ट खेल चुका है। बांग्लादेश ने अब तक 97 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें से एक भी टेस्ट भारत में नहीं था।
नवंबर 2000 में टेस्ट डेब्यू के बाद से अब तक खेले गए 97 टेस्ट मैचों में बांग्लादेश सिर्फ 7 मैच ही जीत पाया है, जिनमें से 5 घरेलू मैदान पर जबकि एक-एक जिम्बॉब्वे और वेस्ट इंडीज में जीता है। इस दौरान भारत ने अपनी जमीन पर 79 टेस्ट मैच खेले जिनमें एक भी बांग्लादेश के खिलाफ नहीं था। बांग्लादेश के पहले टेस्ट में पदार्पण करने वाले हबीबुल बशर, अमीनुल इस्लाम और अकरम खान भारत में बांग्लादेश के डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अब संन्यास ले चुके तीनों खिलाड़ियों को कभी भारत में टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। इस्लाम तो भारत के खिलाफ बांग्लादेश के पहले टेस्ट के हीरो थे। उन्होंने 145 रन बनाए थे। उन्होंने बशर के साथ मिलकर 66 और खान के साथ मिलकर 65 रनों की साझेदारी की थी जिसकी मदद से बांग्लादेश ने 400 रन बनाए थे। हालांकि दूसरी पारी में बांग्लादेशी पारी सिर्फ 91 रनों पर सिमट गई थी और टीम को 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
इस्लाम ने बेंगलुरु मिरर से कहा, 'अतीत में भारत ने बांग्लादेश क्रिकेट की हमेशा मदद की है। मुझे याद है कि 1990 के दशक में हम हैदराबाद में मोइनुद्दीन गोल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए भारत आते थे। स्थानीय क्रिकेट संघ हमारा बहुत ख्याल रखते थे। अगर हम शुरूआती दौर में ही हार जाते थे तो वे दूसरी जगहों पर कई मैचों की व्यवस्था कराते थे।'
पदार्पण टेस्ट में 71 और 30 रन की पारी खेलने वाले हबीबुल बशर को भी इस बात का मलाल है कि 50 टेस्ट मैचों के अपने करियर के दौरान उन्हें इडन गार्डन में कोई टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान बशर कहते हैं, 'काश मैं इडन गार्डन में कोई टेस्ट खेल पाया होता, लेकिन मैं खुश हूं कि अब शुरूआत हो चुकी है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले सालों में हमें भारत में पूरी सीरीज खेलने का मौका मिलेगा।'
अकरम खान को भी भारत में टेस्ट न खेल पाने का मलाल है। उनका तो यह मानना है कि टेस्ट में बांग्लादेश के खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह उसे ज्यादा मौकों का न मिलना है। खान कहते हैं, 'म वनडे और टी-20 में अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट में किसी तरह बचे हुए हैं। ऐसा इसलिए है कि हमें सीमित ओवरों के प्रारूपों में खूब मौके मिले और अब हमने उन प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन शुरू कर दिया है। टेस्ट मैचों में भी हमें उसी तरह के मौके मिले होते तो बात कुछ और होती।' गौरतलब है कि बांग्लादेश 9 फरवरी को भारत में उसके खिलाफ पहला टेस्ट खेलेगा। इस दौरे पर सिर्फ यही एक टेस्ट खेला जाना है।

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