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आईपीएल में आज पुणे और पंजाब में मुकाबला टीमों में आत्मसम्मान की लड़ाई

पुणे। तमाम उम्मीदों और अपेक्षाओं के विपरीत लगातार खराब प्रदर्शन कर आईपीएल नौ में फिसड्डी साबित हुयी महेन्द्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम राइंिजग पुणे सुपरजाएंट्स और तालिका में अंतिम स्थान काबिज किंग्स इलेवन पंजाब के पास शनिवार को होने वाले अंतिम लीग मैच में जीत हासिल कर आत्मसम्मान बचाने का आखिरी मौका होगा।

पुणे और पंजाब एक समान 13 मैच खेल चुकीं हैं और दोनों ही टीमों के चार चार जीत के साथ आठ आठ अंक हैं। पुणे और पंजाब क्रमश: सातवें और आठवें स्थान पर बनी हुयी हैं और दोनों ही टीमों की कोशिश इस मुकाबले में जीत हासिल कर अंतिम स्थान पर रहने की शर्मनाक स्थिति से बचने की होगी।
धोनी की कप्तानी वाली पुणे टीम जहां अपना पिछला मैच दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ 19 रन से जीतने में सफल रही थी वहीं पंजाब को अपने पिछले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 82 रन से हार का सामना करना पड़ा था। पंजाब ने पुणे को पिछले मुकाबले में छह विकेट से पीटा था और पुणे के पास इस मैच में पंजाब के खिलाफ मिली अपनी पिछली हार का हिसाब चुकता करने का मौका होगा।
आईपीएल में नई शामिल हुई पुणे को उसके सिंह धोनी पूरे टूर्नामेंट में उठाने का प्रयास ही करते रह गये और टीम अपने 13 मैचों में चार ही जीत सकी। वह खिताब की होड़ से पहले ही बाहर हो चुकी है लेकिन अपने अंतिम मैच में वह जीत दर्ज कर कुछ हद तक सम्मान बचाने के इरादे से उतरेगी। पुणे के पास अब खोने के लिये कुछ नहीं है और वह निश्चित ही मैदान पर पूरी निडरता के साथ खेलने उतरेगी।
अहम खिलाड़ियों की चोटों और अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन नहीं कर पाने का शिकार रही पुणे के पास अब भी अजिंक्या रहाणे, जार्ज बैली, रविचंद्रन अश्विन, कप्तान धोनी जैसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। पुणे ने वर्षा बाधित पिछले मैच में
दिल्ली को हराया था और इस मुकाबले में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी। रहाणे जहां टीम के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर हैं वहीं उस्मान ख्वाजा से भी काफी उम्मीदें हैं। मध्यक्रम में धोनी की असफलता भी टीम की हार का प्रमुख कारण बनी हुयी है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वह पिछले सत्रों में भी इस तरह परिस्थितियों का सामना करता रहा है। कप्तानी में बदलाव और कुछ नये विदेशी खिलाड़ियों को जोड़ने से भी टीम का भाग्य नहीं बदला।
किंग्स इलेवन की टीम में आक्रामकता की कमी दिखी और उसका कोई भी खिलाड़ी प्रभाव नहीं छोड़ पाया। यही नहीं इस बीच टीम प्रबंधन और मालिकों के बीच भी मतभेद उभर गये। पंजाब को निश्चित तौर पर अच्छे खिलाड़ियों की कमी खली जबकि बिग हिटर डेविड मिलर की असफलता से भी टीम काफी प्रभावित हुई। ग्लेन मैक्सवेल और शान मार्श के चोटिल होने से भी उसकी परेशानी बढ़ी। अब ये दोनों टीमें इस सत्र में आखिरी बार आमने सामने होंगी। उनके सामने गंवाने के लिये कुछ भी नहीं है लेकिन वे जीत के साथ इस सत्र का अंत करने की कोशिश करेंगी।

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