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अबू सलेम और मोनिका बेदी पर उपन्यास लिखने नियाज खान ने राज्य शासन से मांगी अनुमति
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गुना 05 मई

मध्यप्रदेश के गुना जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर नियाज अहमद खान अंडरबर्ल्ड डाॅन अबू सलेम और बाॅलीवुड अदाकारा मोनिका बेदी की लव स्टोरी के दफन राज दुनियां के सामने लाने के लिए अबू सलेम के साथ जेल में 1 माह बिताना चाहते है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन से अनुमति मांगी है।
दरअसल अपर कलेक्टर राज्य प्रशसानिक सेवा के अफसर होने के साथ-साथ एक लेखक भी है और वह आने वाले अपने उपन्यास 'लव डिमांड्स ब्लड' की अधूरी कहानी को पूरा कराना चाहते है। श्री खान पिछले 6 माह से इस उपन्यास को लिख रहे है। इसके 300 पेज और लिखना है। उन्होंने अबू सलेम के पैदा होने से लेकर डाॅन बनने तक की कहानी लिखी है। इसके बाद जेल पहुंच गया।
श्री खान का मानना है कि उपन्यास के माध्यम से लोगों को भी यह बताया जा सके कि गलत रास्ते पर चलकर इंसान कितना भी पैसा क्यों न धन कमा ले लेकिन एक न एक दिन उसे सजा भुगतनी ही होती है। उन्होने अपने जमाने के टाॅप स्टारों को भी निशाने पर लिया है जो सलेम के दरबार में हमेशा खड़े रहते थे।
अपर कलेक्टर के अनुसार महाराष्ट्र के तालोजा जेल में डाॅन अबू सलेम बंद है। उसकी मानसिक दशा का अध्ययन करना है। वह किस स्थिति में है और अपने अपराधों को उसे बोध है या नहीं। राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखूंगा। उनका नया उपन्यास 12 भाषाओं में आएगा। जबकि अब तक 4 उपन्यास इंग्लिष भाषा में लिखे है।
खुद को लेखक होने का हवाला देते हुए अपर कलेक्टर नियाज अहमद ने सामान्य प्रशासन विभाग से न केवल एक माह की छुट्टी मांगी है, बल्कि उन्होंने मुंबई की तालोजा जेल में बंद अबू सलेम की बैरक में रहने की इजाजत देने की दरख्वास्त भी सरकार से की है।
अब तक चार नॉबेल लिख चुके अपर कलेक्टर नियाज अहमद ने मोनिका बेदी और अबू सलेम के रिश्तों को नए सिरे से कुरेदने की पहली कोशिश कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी अपनी अर्जी में नियाज अहमद ने मध्यप्रदेश सरकार के जरिये महाराष्ट्र सरकार से मुंबई की तालोजा जेल में रहने की इजाजत दिए जाने की इच्छा जताई है। एक महीने तक डॉन अबू सलेम के साथ तालोजा जेल में रहने की मंशा के पीछे नियाज अहमद का कहना है कि वे नॉबेल के कैरेक्टर को नजदीक से समझना चाहते हैं, लिहाजा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सरकार को उन्हें इसकी इजाजत देनी चाहिए।
बहरहाल अबु सलेम इन दिनों महाराष्ट्र के नवी मुंबई की तालोजा जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहा है, जिस पर एक ब्यूरोक्रेट की मेहरबानी उसे हीरो बनाने में कारगर सिद्ध होगी।

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