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आईपीएल में आज करो या मरो के मुकाबले

  बेंगलूर। खराब दौर से जूझ रही रायल चैलेंजर्स बेंगलूर आईपीएल में करो या मरो के मुकाबले में कल खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक गुजरात लायंस से खेलेगी। अंकतालिका में छठे स्थान पर काबिज बेंगलूर को प्लेआफ में प्रवेश की उम्मीदें बरकरार रखने के लिये बाकी चारों मैच जीतने होंगे। विराट कोहली की टीम इसका आगाज कल के मैच में धमाकेदार जीत के साथ करना चाहेगी ।
रायल चैलेंजर्स गत चैम्पियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिछले मैच में अपनी सरजमीं पर मिली हार को भुलाना चाहेंगे। कल का मैच हारने पर प्लेआफ में प्रवेश की उसकी उम्मीदों पर पानी फिर जायेगा लिहाजा कप्तान कोहली एक बार फिर मोर्चे से अगुवाई करके टीम की नैया पार लगाना चाहेंगे।
अब तक 568 रन बनाकर आरेंज कैप हासिल कर चुके कोहली ने दो शतक और चार अर्धशतक जमाये हैं। कप्तान के अलावा आरसीबी की बल्लेबाजी का दारोमदार एबी डिविलियर्स पर भी है जिन्होंने 10 मैचों में 409 रन बनाये हैं। केएल राहुल ने पिछले मैच में नाबाद 68 रन बनाकर टीम को चार विकेट पर 151 रन तक पहुंचाया था। आस्ट्रेलिया के शेन वाटसन ने हरफनमौला प्रदर्शन करके टीम को संतुलन दिया है।
बेंगलूर को क्रिस गेल से तूफानी प्रदर्शन की उम्मीद होगी जो दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को नेस्तनाबूद करने का माद्दा रखते हैं। बेंगलूर की गेंदबाजी कमजोर है और 180 से अधिक रन बनाकर भी टीम मैच हारी है। बेंगलूर के लिये गेंदबाजी में वाटसन और युजवेंद्र चहल को छोड़कर कोई नहीं चल सका है। इस बीच आईपीएल में पहली बार खेल रही गुजरात लायंस पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर यहां आई है और उसकी नजरें नंबर वन पर पहुंचने की है जहां इस समय सनराइजर्स हैदराबाद है ।
गुजरात की चिंता का सबब सही समय पर लय खोने का खतरा है। कप्तान सुरेश रैना लय बरकरार नहीं रख पा रहे हैं । वैसे उनके पास ब्रेंडन मैकुलम, आरोन फिंच और ड्वेन स्मिथ जैसे बल्लेबाज भी हैं। इन तीनों के नाकाम रहने पर टीम को पराजय का सामना करना पड़ रहा है । विदेशी खिलाड़ियों पर निर्भर रैना अभी तक सिर्फ एक अर्धशतक बना सके हैं। रविंद्र जडेजा भी नहीं चल पा रहे हैं। गेंदबाजी में ड्वेन ब्रावो और धवल कुलकर्णी ने अब तक क्रमश: 12 और 10 विकेट लिये हैं। चाइनामैन गेंदबाज शिविल कौशिक और अनुभवी लेग स्पिनर प्रवीण ताम्बे भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगे।

पस्त धोनी के सामने फिर ‘गंभीर’ चुनौती
कोलकाता। आईपीएल-9 में बुरे दौर से गुजर रही महेन्द्र सिंह धोनी की टीम राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स जब शनिवार को गौतम गंभीर की कप्तानी वाली कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम से भिड़ेगी तो उसका मकसद अपनी पुरानी हार का बदला चुकाने के साथ तालिका में अपनी स्थिति को बेहतर करना होगा।
आईपीएल की नई टीम पुणे सत्र में फिसड्डी साबित हुयी है और अब तक 11 मैचों में मात्र तीन में ही उसे जीत हासिल हो सकी है जबकि आठ मैचों में उसे हार का मुंह देखना पड़ा है। पुणे आठ टीमों के इस टूर्नामेंट में छह अंकों के साथ सातवें पायदान पर है। दूसरी ओर पूर्व चैंपियन कोलकाता 10 मैचों में से छह जीतकर तालिका में चौथे स्थान पर काबिज है। कोलकाता के 12 अंक हैं।
पुणे और कोलकाता इस सत्र में जब पहले भिड़े थे तो कोलकाता ने दो विकेट से मुकाबला अपने नाम किया था। पुणे ने पांच विकेट पर 160 रन बनाये थे और कोलकाता ने आठ विकेट पर 162 रन बनाकर तीन गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। पुणे उस नजदीकी हार को नहीं भूली होगी और इस हार का बदला चुकाने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी।
दो बार की चैंपियन गौतम गंभीर के नेतृत्व वाली कोलकाता को अपने पिछले मुकाबले में सुरेश रैना की टीम गुजरात लॉयंस के हाथों पांच विकेट की हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उससे पहले उसने अपने दोनों मुकाबले जीते थे। वहीं पिछली टीम चेन्नई सुपरंिकग्स को दो बार खिताब दिलाने वाले धोनी अपनी नई टीम पुणे को जीत की पटरी तक पर नहीं ला पा रहे हैं टीम ने अपने पिछले दोनों मुकाबले हारे हैं। हालांकि इससे पहले उसने भले ही दिल्ली डेयरडेविल्स को हराया लेकिन उससे पहले भी उसे लगातार दो मैचों में हार झेलनी पड़ी थी।
कोलकाता के बल्लेबाजी क्रम की सबसे बड़ी ताकत उसके कप्तान गंभीर, रॉबिन उथप्पा, यूसुफ पठान और आंद्रे रसेल हैं। गंभीर 10 मैचों में 49.75 के औसत से चार अर्धशतकों सहित कुल 398 रन बना कर टीम के सर्वश्रेष्ठ और ओवरआॅल छठे नंबर के स्कोरर हैं जबकि ओपनिंग क्रम में उथप्पा ने इतने ही मैचों में तीन अर्धशतकों समेत कुल 327 रन बनाये हैं। रसेल ने 149 रन जबकि सूर्यकुमार यादव ने 131 रन बनाये हैं।
रसेल गेंदबाजी में भी कोलकाता की बेजोड़ ताकत हैं और 10 मैचों में 14 विकेट लेकर टीम के सबसे सफल और सत्र के दूसरे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। तेज गेंदबाज उमेश यादव (10 विकेट), पीयूष चावला (नौ विकेट) और मोर्न मोर्कल (सात विकेट) के अलावा ब्रैड हाग और जॉन हैस्ंिटग्स भी टीम की ताकत हैं। उसका बल्लेबाजी क्रम जितना मजबूत है उससे अधिक गेंदबाज प्रभावित कर रहे हैं और विपक्षी टीमों पर दबाव बनाकर रखा है।
दूसरी ओर पुणे के आंकड़े बहुत अधिक प्रभावित करने वाले नहीं हैं। ओपनर अजिंक्या रहाणे ने 1 मैचों में छह अर्धशतकों की मदद से 417 रन बनाकर खुद को भले ही साबित किया है लेकिन उनके अलावा अन्य कोई भी इतना खास प्रभावित नहीं कर सका है। कप्तान धोनी ने 212 रन, स्टीवन स्मिथ ने 270 रन और फाफ डू प्लेसिस ने 206 रन बनाये हैं। पुणे के पास बेहतरीन बल्लेबाजों की कोई कमी नहीं है और खासतौर पर उसके पास ओपनिंग क्रम में अच्छे रन स्कोरर हैं लेकिन खिलाड़ियों में निरंतरता की काफी कमी दिख रही है।
गेंदबाजी में भी पुणे के खिलाड़ी बेहतर नहीं कर पा रहे हैं और उसका क्षेत्ररक्षण भी कमजोर दिख रहा है। एडम जंपा और तिषारा परेरा के नाम आठ विकेट दर्ज हैं और दोनों ही टीम के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। उनके अलावा अशोक ंिडडा और मुरुगन अश्विन ने सात-सात विकेट झटके हैं। अनुभवी आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन फार्म में नजÞर नहीं आ रहे हैं और वह 11 मैचों में मात्र चार विकेट ले सके हैं जिसका नुकसान भी टीम को हो रहा है। पुणे के मुकाबले कोलकाता काफी मजबूत टीम नजर आ रही है और पुणे पर एक बार फिर दबाव होगा लेकिन इस बार उसके खिलाड़ियों को इससे हर हाल में निपटना होगा।

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