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फालतू लोग करते हैं धोनी-विराट की तुलना : सुशांत

नई दिल्ली। जिनके पास समय ही समय है, खाली बैठे हैं, फालतू हैं वही लोग धोनी और विराट की तुलना करते हैं। यह कहना है ‘एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ फिल्म में विश्वकप विजेता कप्तान महेन्द्र ंिसह धोनी का किरदार निभा रहे सुशांत ंिसह राजपूत का। उनका मानना है कि धोनी और मौजूदा टेस्ट कप्तान विराट कोहली की कप्तानी की तुलना लोग मनोरंजन के लिये करते हैं।
सुशांत ने कहा, उन दोनों की कप्तानी की तुलना वही लोग करते हैं जिनके पास जरूरत से ज्यादा खाली समय है। उन्होंने कहा  लोगों के पास बहुत समय है, वे बोर हो रहे हैं, उन्हें मनोरंजन चाहिये और वे विवादों के जरिये मनोरंजन करना चाहते हैं, इसीलिये कोई धोनी और कोई विराट की तरफदारी करने लगता है।
गौरतलब है कि विराट की कप्तानी में टेस्ट मैचों में भारतीय टीम का हाल के समय में काफी शानदार प्रदर्शन रहा है जिससे पूर्व क्रिकेटर और प्रशंसक उन्हें सीमित ओवरों की कप्तानी देने की बात करने लगे हैं।
 सचिन सहवाग को भी मिस करता हूं...
सुशांत ने कहा कि भारतीय टेस्ट टीम में उन्हें धोनी की कमी खलती है। सुशांत ने कहा  जब मैं मैदान में भारतीय टीम को धोनी की गैरमौजूदगी में खेलते हुये देखता हूं तो उनकी कमी खलती है और मुझे थोड़ी निराशा भी होती है। मैं सचिन और सहवाग को भी मैदान में ‘मिस’करता हूं।  सुशांत ने साथ ही कहा कि सचिन, सहवाग, धोनी और विराट उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं।
 धोनी की तारीफ करते हुये इस अभिनेता ने कहा कि इस फिल्म से युवाओं को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। बात चाहे कड़ी मेहनत करने की हो या फिर सफलता पाने की। सफलता मिलने के बाद उसे बरकरार रखना और जमीन से जुड़े रहने की कला लोग इस फिल्म से सीख सकेंगे।
मैंने ली थी धोनी के साथ सेल्फी
सुशांत ने कहा पहली बार मैंने धोनी को 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ हुये मैच में देखा था। वह लंबे बाल रखते थे और करियर के शुरुआती दौर में ही वह आत्मविश्वास से भरे हुये थे, इस मैच में उन्होंने 148 रन की धमाकेदार पारी खेली थी। इस मैच के बाद से ही मैं धोनी को एक प्रशंसक के तौर पर फॉलो करता हूं और मुझे पहली बार धोनी से मिलने का मौका 2006-07 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान ही मोहाली में मिला था। तब मैंने उनके साथ एक सेल्फी फोटो भी लिया था।
 11 महीने कड़ी मेहनत की
सुशांत ने कहा कि इस किरदार को निभाने के लिये उन्होंने ग्यारह महीने तक कड़ी मेहनत की ताकि उनकी खेल शैली को अपना सके, इसके लिये उन्होंने पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे की देखरेख में तैयारी की।

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