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भारत-इंग्लैंड सीरीज में इस्तेमाल होगा डीआरएस

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने लंबी बहस और शोध के बाद अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के इस्तेमाल को अपनी स्वीकृति दे दी है और अगले महीने भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज में प्रयोग के तौर पर इस प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।
भारत ने पहली बार वर्ष 2008 में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में डीआरएस प्रणाली का उपयोग किया था। लेकिन उस दौरान इसके अधिकतर निर्णय भारत के हक में नहीं गये थे जिसके बाद कई शीर्ष खिलाड़ियों सहित बीसीसीआई ने भी इस प्रणाली का विरोध किया था। बोर्ड ने डीआरएस में मौजूद खामियों में सुधार की मांग की थी और बॉल ट्रैकिंग टेक्नालाजी सहित इसमें व्यापक सुधारों के बाद यह पहली बार है जब उसने किसी द्विपक्षीय सीरीज में इस प्रणाली के उपयोग को मंजूरी दी है।
बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने इसकी पुष्टि करते हुये कहा हम इस बात से खुश हैं कि हॉक आई कंपनी ने भारतीय बोर्ड की सिफारिशों को मान लिया है और इन सुधारों के साथ नई डीआरएस प्रणाली को भारत और इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी सीरीज में डीआरएस का उपयोग एक प्रयोग के तौर पर होगा और उस दौरान उसके प्रदर्शन पर नजर रखी जाएगी और जैसी भी रिपोर्ट मिलती है उसके आधार पर ही भविष्य में इस प्रणाली के उपयोग को लेकर निर्णय किया जाएगा।
बीसीसीआई ने जारी बयान में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और हॉक आई अधिकारियों ने हाल में हुई बैठक में डीआरएस प्रणाली में सुधारों की जानकारी दी थी जिसकी बीसीसीआई टीम ने समीक्षा की है। बोर्ड ने पिछले कुछ समय में जो भी ंिचताएं और सुझाव दिये थे उन्हें कंपनी ने संज्ञान में लिया है और बीसीसीआई इन बदलावों से संतुक्ष है।
बोर्ड ने बताया कि नई डीआरएस प्रणाली में अल्ट्रामोशन कैमरा लगाये गये हैं जिससे ‘बॉल ट्रैकिंग’ अधिक सटीक हो सकेगी। साथ ही ‘अल्ट्रा एज’ को अमेरिका की मैसाचुसेट्स संस्थान (एमआईटी) की ओर से अनुमति दी गयी है जिससे ‘इम्पैक्ट प्वांइट’ का सही अंदाजा लगाया जा सकेगा। इससे पहले यह संभावना थी कि आॅपरेटर यदि किसी गेंद को चूक जाता है तो इससे पगबाधा की अपील भी संभव नहीं होगी।
हॉक आई ने अब ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे सभी तस्वीरों को रिकार्ड किया जा सकेगा और यदि आॅपरेटर किसी डिलीवरी को देखने से चूक भी जाता है तो तस्वीर को दोबारा से देखा जा सकेगा। बीसीसीआई की सिफारिश पर अब अतिरिक्त कैमरा स्टेडियम में भी लगाये जाएंगे जिससे डीआरएस के लिये शत प्रतिशत फैसले मिल सकें।
बीसीसीआई के सचिव अजय शिर्के ने इस बाबत कहा एमआईटी ने बीसीसीआई की सिफारिशों पर संज्ञान लेते हुये इस तकनीक में काफी बदलाव किये हैं और उसके बाद हमारा मानना है कि सही निर्णयों के लिये इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिये। बोर्ड आगे भी खेल की भलाई के लिये इस तरह के कदम उठाता रहेगा।
गौरतलब है कि हाल ही में कप्तान विराट कोहली ने भी डीआरएस के इस्तेमाल को लेकर सकारात्मक संकेत दिये थे। विराट ने न्यूजीलैंड के साथ गत माह टेस्ट सीरीज के दौरान कहा था कि भारत निश्चित तौर पर डीआरएस के उपयोग को लेकर विचार कर रहा है।

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