Member Login

fb login Forgot Password ?

Not a member yet? Sign Up!

तनाव के चलते पाक को कपास निर्यात ठंडा

मुंबई। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल 82.2 करोड़ डॉलर (करीब 5500 करोड़ रुपये) के कपास का निर्यात हुआ था। लेकिन इस साल दोनों देशों के बीच तनाव होने के कारण देशभक्ति का माहौल बना है, उससे कपास का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस अनिश्चितता के माहौल में व्यापारी नये सौदे करने से बच रहे हैं। पाकिस्तान दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कपास उपभोक्ता देश है। आमतौर पर सितंबर से वहां कपास का आयात शुरू होता है। लेकिन तीन भारतीय निर्यातकों ने कहा कि पाकिस्तान से कारोबारी पूछताछ नगण्य हैं। इससे स्पष्ट संकेत हैं कि खराब रिश्तों का असर कारोबार पड़ रहा है। पाकिस्तानी आयातक यहां कपास खरीदने के लिए नहीं आ रहे हैं। उधर, पाकिस्तान कॉटन डीलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन एहसानुल हक ने कहा कि इस समय दोनों देशों के बीच कोई कपास कारोबार नहीं हो रहा है। इस समय कारोबार पूरी तरह थमा है। अनिश्चितता का माहौल है। कोई नहीं जानता कि क्या होगा। हालांकि पाकिस्तान कॉटन कमिश्नर खालिद अब्दुल्लाह ने कहा कि मामूली मात्रा में कारोबार अभी भी जारी है। पाकिस्तान सरकार ने भारतीय कपास न खरीदने के लिए अपने व्यापारियों को कोई निर्देश नहीं दिया है। उम्मीद है कि तनाव कम होगा तो कारोबार सामान्य हो जाएगा।
भारतीय अधिकारियों ने भी कहा कि कारोबार रुकने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हालांकि कुछ अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह सरकार ने पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए कारोबार रोकने के बारे में विचार किया था। पाकिस्तान के साथ व्यापार भारत के पक्ष में हैं। वर्ष 2015-16 के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 2.6 अरब डॉलर था। इसमें कपास के निर्यात की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा थी। यह स्पष्ट नहीं है कि दूसरी वस्तुओं जैसे ज्वैलरी और ड्राई फ्रूट्स का भी कारोबार इससे प्रभावित हो रहा है। लेकिन कपास के कारोबार पर असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी सितंबर में समाप्त हुए मार्केटिंग वर्ष में भारतीय कपास के लिए पाकिस्तान सबसे बड़ा खरीदार था क्योंकि वहां कीटों के हमले के चलते कपास की खेती पिछले सीजन में बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

सम्बंधित खबरॆ
News
व्यापार

ओएनजीसी खरीदेगी वैंकरनेफ्ट की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी

नई दिल्ली। तेल एवं गैस क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम की इकाई ओएनजीसी विदेश लिमिटेड रूस की कंपनी जेएससी वैंकरनेफ्ट की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी 93 करोड़…

और पढ़े

Write Your Comment
 
 
http://www.lnstarnews.com/site_images/captcha/1502905391.11.jpg refresh
Facebook twitter google rss pinterest ln star news