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सेना पर दिये गये बयान को लेकर भागवत को माफी मांगनी चाहिए: भाकपा

नयी दिल्ली  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार अन्जान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के भारतीय सेना के बारे में दिए गए बयान की कड़ी ंिनदा की है और कहा है कि इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

श्री अनजान ने आज यहाँ कहा कि श्री भगवात का यह बयान सेना का मनोबल गिराने और सैनिकों को अपमानित करने वाला है। इसके लिए उन्हें समस्त देशवासियों से माफी मंगनी चाहिए।

उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा कि संघ की आस्था न तो कभी भारतीय संविधान में रही और न राष्ट्रीय तिरंगे में। यही कारण है कि उसने अपने मुख्यालय नागपुर में कभी तिरंगा नहीं फहराया। संघ के सर संघ चालक गुरु गोलवरकर ने 1950 में ही संविधान और तिरंगे को नकार दिया था। संघ हमेशा से वर्णाश्रम में यकीन करता रहा है, इसलिए वह संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार में यकीन नहीं करता।

भाकपा नेता ने कहा कि श्री भागवत के बयान से स्पष्ट हो गया है कि उनके मन में सेना के प्रति सम्मान का भाव नहीं है। वह दरअसल तथाकथित राष्ट्रवादी लोग हैं जो इस तरह के बयान देते रहते हैं।