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सुपर मैरी फाइनल में, छठे स्वर्ण से एक पंच दूर

नयी दिल्ली, 22 नवंबर (ब्यूरो ) भारत की सुपर मुक्केबाज़ एमसी मैरीकॅाम ने अपना विस्फोटक प्रदर्शन जारी रखते हुये उत्तर कोरिया की हियांग मी किम को गुरूवार को 5-0 से पीटकर आईबा विश्व महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 45-48 किग्रा लाइट फ्लाई वेट वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

सुपर मॅाम मैरी ने यह मुकाबला 29-28, 30-27, 30-27, 30-27, 30-27 से जीता। मैरी का फाइनल में शनिवार को यूक्रेन की हाना ओखोता से मुकाबला होगा। पांच बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक पदक विजेता मैरी अब अपने रिकार्ड छठे स्वर्ण पदक से एक पंच दूर रह गयी हैं।

विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की ब्रांड एम्बेसेडर पहले ही अपना सातवां विश्व चैंपियनशिप पदक सुनिश्चित कर रिकार्ड बुक में जगह बना चुकी हैं।

मैरीकॅाम अब स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंच गयी हैं और यदि शनिवार को यह अपना छठा स्वर्ण पदक जीत लेती हैं तो आयरलैंड की कैटी टेलर के पांच विश्व खिताब के रिकार्ड को पीछे छोड़ देंगी। लेकिन फाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्हांने अपना सातवां विश्व चैंपियनशिप पदक पक्का कर लिया और इस टूर्नामेंट की सबसे सफल मुक्केबाज़ बन गयीं।

खचाखच भरा इंदिरा गांधी स्टेडियम का केडी जाधव हॅाल लगातार मैरी मैरी की आवाज़ से गूंजता रहा और इस दिग्गज मुक्केबाज़ ने अपने प्रशंसकां को नाराज़ नहीं किया। पांचां जजां ने सर्वसम्मति से मैरी के पक्ष में फैसला सुनाया और पांचां जजां के फैसले में इतना फासला था कि साबित होता है कि मैरी ने उत्तर कोरियाई मुक्केबाज़ पर किस कदर दबदबा बनाया था।

अपनी जीत के बाद बेहद खुश नज़र आ रही मैरी ने कहा,” मैंने किम को पिछले साल वियतनाम में एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में भी हराया था और मुझे पूरा विश्वास था कि मैं इस बार भी उसे शिकस्त दूंगी। मैं उसके खेल को अच्छी तरह जानती थी इसलिये मुझे उसे हराने में कोई दिक्कत नहीं हुई। मैं हर बाउट को एक सीखने की प्रक्रिया के तौर पर लेती हूं और उसी हिसाब से मुकाबला लड़ती हूं।

“फाइनल की अपनी प्रतिद्वंद्वी हाना के लिये मैरी ने कहा,” मैंने उसे पोलैंड में हराया था और एक बार फिर फाइनल जीतने के लिये तैयार हूं। देशवासियां ने मुझे इतना प्यार और समर्थन दिया है और मैं छठी बार विश्व खिताब जीतने में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगी।“