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सरकार ने हमारी सभी मांगे मानी, नहीं रोकेंगे शाह की रैली:मलिक

चंडीगढ़, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि हरियाणा सरकार ने उनकी सभी मांगे मान ली हैं। अत: जाट समाज अब भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की 15 फरवरी को जींद में प्रस्तावित रैली में कोई खलल नहीं डालेगा।

श्री मलिक ने यूनीवार्ता से टेलीफोन पर बातचीत में आज कहा कि जाट समाज की सभी मांगे राज्य सरकार ने मान ली हैं तथा इस सम्बंध में रविवार देर रात दिल्ली में समिति तथा सरकार और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति बन गई। उन्होंने कहा कि समझौते में वर्ष 2016 में जाट आंदोलन के दौरान युवाओं पर दर्ज किये गये मामले वापिस लेने पर सहमति बनी है। इससे राज्य की विभिन्न जेलों में बंद जाट समुदाय के युवाओं की रिहाई सुनिश्चत हो सकेगी।

जाट नेता ने कहा कि समझौता होने के बाद अब जाट समाज श्री शाह के हरियाणा आगमान और उनकी रैली में कोई व्यवधान पैदा नहीं करेगा। उन्होंने जाटों से राज्य में शांति बनाये रखने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि जाट समाज अब जाट आंदोलनों में ‘शहीद’ हुये युवकों के सम्मान में 18 फरवरी को हरियाणा और उत्तर प्रदेश में ‘बलिदान दिवस’ मनाएगा तथा इस अवसर पर दिवंगत युवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

एक सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो कांग्रेस और न ही इंडियन नेशनल लोकदल(इनेलो) के उकसावे पर वह जाट समाज से जुड़े मुद्दों की आड़ में राज्य की भाजपा सरकार के समक्ष दिक्कतें खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समिति का आंदोलन स्वतंत्र और मुद्दा आधारित है तथा इसमें किसी दल की कोई दखलअंदाजी नहीं है। अलबत्ता सभी दलों का उनके आंदोलन को समर्थन हासिल है।

बताया जाता है कि राज्य सरकार ने जाट नेताओं से बातचीत में जाटों को पिछड़ा वर्ग में सरकारी नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान करने को लेकर संसद के वर्तमान सत्र में ही विधेयक पारित कराने का भी आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि श्री शाह की जींद रैली में किसी प्रकार का कोई खलल पड़े इसे लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र ंिसह तथा भाजपा के प्रदेश मामलों के प्रभारी अनिल जैन तथा मलिक समेत अन्य जाट नेताओं के बीच रविवार रात बैठकों के अनेक दौर चले। बातचीत का सिलसिला सायं करीब छह बजे शुरू हुआ लेकिन दोनों पक्षों के बीच पहले दो दौर बातचीत बेनतीजा रही। सरकार की ओर से प्रयास जारी रखे जाने पर तीसरे दौर की बातचीत के लिये सहमति बनी और यह सिरे चढ़ गई।

श्री खट्टर ने दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की जानकारी देर रात पत्रकारों से साझा करते हुये कहा कि सरकार जाटों समेत छह जातियों जट सिख, बिश्नोई, त्यागी, रोड़ और मूला जाट समुदाय को नौकरियों में आरक्षण देने के लिये प्रतिबद्ध है तथा संसद के वर्तमान सत्र में ही इस सम्बंध में विधेयक पारित कराया जाएगा। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि कांग्रेस यह विधेयक पारित कराने में मदद करेगी।

बैठक में राज्य के कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार तथा जाट नेताओं में श्री मलिक के अलावा रोहतास हुड्डा और अशोक बल्हारा तथा समिति की पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि समिति ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुये श्री शाह की जींद रैली में व्यवधान डालने का ऐलान किया था। रैली में जाट समाज के लोगों ने राज्यभर से ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार होकर रैली में पहुंचने तथा श्री शाह की स्टेज पर कब्जा करने तथा उनका हैलीकॉप्टर राज्य में उतरने नहीं देने का भी ऐलान किया था जिससे राज्य में एक बार फिर कानून व्यवस्था एवं शांति भंग होने की सम्भावना बन गई थी। सरकार ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बलों की 150 कम्पनियां मांगी थी जो यहां पहुंचने भी शुरू हो गईं थी।