मध्य प्रदेश राज्य

श्रद्धा एवं उल्लास से मनाया गया करवा चौथ पर्व

रतलाम। करवा चौथ का व्रत रविवार को उल्लास के साथ मनाया गया। विवाहिताओं ने व्रत रखकर पति की दीघार्यु की कामना की। महिलाओं ने सोलह शृंगार कर दोपहर को कथा सुनी और रात को नौ बजे चांद देख व्रत खोला।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन रविवार को जनपद में करवाचौथ का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। पति-पत्नी के अटूट प्रेम के प्रतीक करवाचौथ के इस पर्व को लेकर क्षेत्र की महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने सज-धज कर अपने पति के लिए व्रत रखा और दिन में करवाचौथ की कथा सुनी। रात में चांद को अर्घ्य देकर विवाहित महिलाओं ने सदा सुहागिन रहने का कामना की। सुबह-सवेरे ही सज-धज कर तैयार हुई अनेक महिलाओं ने अपने पति के चरण छूकर दिन की शुरूआत की और बाद में मंदिर जाकर भगवान से सदा सुहागिन का आशीर्वाद लिया।

गृहिणी श्रीमती छाया गोस्वामी ने बताया कि हिंदू संस्कृति में करवा चौथ के व्रत का बड़ा महत्व है। इस दिन सुहागिन दिन भर भूखी प्यासी रहकर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। रात को चांद का दीदार कर अक्र देकर अन्न-जल का ग्रहण करती है। व्रत को लेकर महिलाएं तैयारी रात को ही आरंभ कर देती है। रात भर महिलाएं हाथों पर मेहंदी लगाने के साथ-साथ सुंदर परिधानों को पहनकर सजधज कर रहती है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु के साथ-साथ परिवार की भी सुख समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।