देश राजनीति समाचार

विफलताओं को छुपाने के लिए भाजपा ने उछाला राम मंदिर मुद्दा :माकपा

मऊ 25 नवम्बर (ब्यूरो) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)के महासचिव अतुल कुमार अंजान ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश में उन्मादी माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी विफलताओं से लोगां का ध्यान भटकाने के लिए राम मंदिर का मुद्दा उछाल रही है।

श्री अंजान ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि साघ्े चार साल के कार्यकाल बीत जाने के बावजूद भाजपा के हाथ खाली हैं, ऐसे में अपनी नाकामियां पर पर्दा डालने की कोशिश में जनता का ध्यान भटकाने के लिए देश में उन्मादी माहौल बना कर राम मंदिर का मुद्दा उछाला गया,जिससे देश में अराजकता का माहौल उत्पन्न हो गया।

उन्हांने कहा कि संविधान के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लगा है ,जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा सीधे-सीधे न्यायाधीशां पर एक तरफा निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्हांने कहा कि गत दिनां विज्ञान भवन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वीकार किया था कि मंदिर मुद्दा उनका नहीं है लेकिन आज मंदिर के लिए स्वयं सेवकां का आह्वान कर उन्हांने अपना चेहरा उजागर किया है।

श्री अंजान ने कहा कि संघ मंडल कमीशन का सबसे बड़ा विरोधी था, उनके संगठन विद्यार्थी परिषद ने मंडल कमीशन का विरोध करते हुए अनेक छात्र-छात्राओं को आत्मदाह के लिए मजबूर किया था। उन्हांने भाजपा पर आरोप लगाया कि नोटबंदी से पहले 28 से 32 हघर करोघ् की खरीद फरोख्त की,वहीं अमित शाह के सहकारी बैंक में नोटबंदी के पहले 650 करोघ् रुपये जमा किया था। जिसका आज तक खुलासा नहीं किया जा सका।

उन्हांने कहा कि बोघेर्स घोटाले से बघ राफेल घोटाला है, जिसमें प्रधानमंत्री की संलिप्तता है। लेकिन मुद्दां से ध्यान भटकाने के लिए मंदिर मुद्दा उठाया गया जो भाजपा का असफल प्रयास साबित होगा। इनके चेहरे को जनता पहचान चुकी है। महागठबंधन में प्रधानमंत्री के सवाल पर उन्हांने कहा कि 24 घंटे में प्रधानमंत्री तय कर देंगे।

माकपा महासचिव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश में अलगाववादी ताकतां के साथ काम कर रही है, स्थिति यह है कि पिछले तीन माह से सभी संवैधानिक संस्थाओं सीबीआई, आरबीआई, चुनाव आयोग,न्यायालय इत्यादि पर सरकार दबाव बनाने का काम कर रही है । कहीं न कहीं संविधान के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह खघ किया जा रहा है।

उन्हांने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणां में लगातार गलत तथ्यां को प्रस्तुत कर रहे है। सही बातां की जानकारी न होने पर वे असत्य बातां को मजबूती के साथ रखते हैं। यह उन्हें कतई शोभा नहीं देता।