मध्य प्रदेश राज्य

विधुत वितरण लिमीटेड कम्पनी में कर्मचारियों की फर्जी भर्ती, पिटारा खोलने वालो पर जानलेवा हमला करने को उतारू है विधुत के आलाअधिकारी

ब्यूरो,बनखेडी। जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में एस कॉम एवं वर्ल्ड क्लॉस कंपनी द्वारा आउट सोर्स कर्मचारियों के पदों पद म.प्र.म.क्षे.वि.वि.क.लिमीटेड होशंगाबाद पिपरिया उप महाप्रबंधक द्वारा नियुक्तीयों के लिए भर्ती प्रकिया में मुख्य भूमिका रहीं है जैसा कि सोवरन सिंह पटैल जो संभागीय कार्यालय पिपरिया में लगभग 30 वर्षो से केसियर के पद पर कार्यरत है। इनके द्वारा ऐंसी नियुक्तीयॉं की गई है। जो अनुभवहीन होना प्रतीत होता है। कंपनी सुपरवाईजर हेमंत सराठे एवं सोवरन सिंह पटैल ने कम्पनी के सभी नियमों को ताक में रखते हुए नियुक्तियॉ की गई है। जिससे विघुत विभाग में जमकर भ्रष्टाचार की ओर इसारा करता है। जैसे कि पहले आउट सोर्स कर्मचारियों को कम्पनी विरोधी कार्य में संलिप्त्ता हाने के कारण हटाया भी गया था परन्तु उन्ही कर्मचारियों से पैसा लेकर पुन: रख लिया गया है। ऐंसी क्या मजबूरी जो दौबारा निकाले गये कर्मचारियों को रखना पडा। इसके खिलाफ एवं भर्ती घोटाले की जांच के लिए पूर्व आउट सोर्स कर्मचारी बलजीत साहू एवं मुरलीधर साहू ने सूचना के अधि

कार अधिनियम के माध्यम से भर्ती प्रकिया एवं योग्यता प्रमाण पत्रों की छाया प्रति मांगी गई थी। मुरलीधर साहू द्वारा बताया कि उक्त जानकारी मांगने से उप महाप्रबंधक राजीव रंजन बोखलाकर आवेदक एवं बलजीत साहू को धक्का मारकर अपने कार्यालय से बाहर कर दिया और फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले आरएसएस बलजीत साहू पर जानलेवा हमला करवा दिया गया। जैसा कि विगत दिनों पिपरिया में भ्रष्टाचार के लिखाफ आवाज उठाने पर एक आरएसएस कार्यकर्ता को जान से मार दिया गया है। कहीं ऐंसे ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले मुरलीधर साहू पर भी जानलेवा हमला होने के संकेत मिल रहे है। जिससे घबराय मुरलीधर ने बनखेडी थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत देकर उचित कार्यवाही की मांग की गई है। उन्होने बातया कि यदि मेरे उपर कोई अप्रिय घटना घटती है तो जिसके जिम्मेदार संबंधित विभाग एवं अनावेदक गण रहेंगें।

मुरलीधर द्वारा बताया गया कि म.प्र. म.क्षे.वि.वितरण कम्पनी लिमीटेड में आउट सोर्स कंपनी द्वारा मुझे नियुक्त किया गया था प्रार्थी को बिना किसी सूचना व कारण बताये निकाल दिया गया निकाले जाने के बाद प्रार्थी ने संबंधित उच्च अधिकारियों से संपर्क कर निकाले जाने का कारण जानना चाहा तो किसी भी अधिकारी ने संतोष जनक जबाव नहीं दिया। आवेदक ने विभाग में आउट सोर्स कपंनी द्वारा की गई भर्तियों में अनियमितताओं को उजागर करने के लिए सूचना के अधिकार के अंतर्गत जानकारी चाही गई थी।

जिसकी प्रार्थी द्वारा उप महाप्रबंधक विघुत वि.क.लिमीटेड पिपरिया के सहायक लोक सूचना अधिकरी के समक्ष सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आवेदक द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिसमें उक्त फर्जी कर्मचारियों की नियुक्ती से संबंधित दस्तापेजों की प्रमाण प्रति चाही गई थी परन्तु उक्त जानकारी सहायक लोक सूचना अधिकारी द्वारा प्रदाय ना करते हुए बल्कि आवेदक को जान से मारने के लिए धमकियॉ अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दी जा रही है। यदि उक्त जानकारी प्राप्त होती है तो उक्त नियुक्त फर्जी कर्मचारी ही नहीं बल्कि संम्बंधित अधिकारियों को भी भ्रष्टाचार में लिप्त होना तय है जिस बात को लेकर फर्जी कर्मचारियों द्वारा प्रार्थी के ऊपर आत्मघाती हमला कर सकते है।

इनका कहना
मुरलीधर साहू द्वारा शिकायत की गई है जिसकी मे जांच के लिए आदेष करता हूॅ अभी में होशंगाबाद मिटिंग में आया हूॅ। जो जांच में दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जावेगी। “टी आई गिरीष खरे थाना प्रभारी बनखेडी”