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मां, बाप बरी, फिर किसने ली थी आरुषि की जान?

एक अहम फैसले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरुषि तलवार हत्याकांड में मृतका के पिता राजेश तलवार तथा मां नुपुर को हत्या का दोषी मानने से इनकार करते हुए बरी कर दिया है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि फिर आरुषि की हत्या किसने की थी?

अदालत का यह फैसला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उसने ही आरुषि तथा उसके घर के नौकर हेमराज की हत्या की जांच की थी। इसके बाद उसने राजेश एवं नुपुर को हत्या का दोषी बताया था। सीबीआई की ही एक अदालत ने नुपुर दंपति को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ तलवार दंपति ने हाई कोर्ट की शरण ली।

इसके साथ ही सारे देश को हिला देने वाले इस कांड को लेकर रहस्य गहरा गया है। सीबीआई की दलील थी कि तलवार दंपति ने आरुषि तथा हेमराज को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके चलते उनका कत्ल कर दिया गया। आरुषि का शव उसके बेडरूम में मिला था। जबकि हेमराज की लाश बिल्डिंग की छत पर पाई गई थी। कहा जाता है कि बेसबॉल के बेट से मार-मारकर उसकी जान ली गई थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए तलवार दंपति को बरी करने का आदेश दिया। उसने सीबीआई द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों को पर्याप्त नहीं माना। तलवार दंपति को शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। फिलहाल यह पता नहीं चला है कि इस निर्णय के खिलाफ सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी या नहीं।

हम बता दें कि प्रसिद्ध फिल्मकार एवं गीतकार गुलजार की बेटी ने इस सनसनीखेज हत्याकांड पर ‘द तलवार्स’ नामक फिल्म बनाई थी। बॉक्स आॅफिस पर इसे खास सफलता नहीं मिली, लेकिन समीक्षकों ने इसे खूब सराहा था। फिल्म में प्रकारांतर से सीबीआई की जांच एवं निष्कर्षों पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट के फैसले के बाद मेघना ने कहा, ‘हमने फिल्म में सच्चाई दिखाने की कोशिश की थी।’

तलवार दंपति सजा सुनाए जाने के बाद से गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। वहां के जेलर ने एक न्यूज चैनल को बताया कि अदालत के फैसले के बाद आरोपियों ने कहा है कि अंतत: सच की जीत हो गई है।

16 मई, 2008 को आरुषि को उसके बेडरूम में मृत पाया गया था। उसका गला रेतकर हत्या की गई थी। शुरूआत में घरेलू नौकर 45 वर्षीय हेमराज पर ही आरुषि के मर्डर का शक था, लेकिन अगले ही दिन जलवायु विहार के उसी मकान की छत पर हेमराज का भी शव मिला।

इसके बाद पुलिस की जांच की सुई आरुषि के माता-पिता तलवार दंपती पर ही घूम गई। पुलिस ने कहा था कि आरुषि और हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने के बाद पिता राजेश तलवार ने ही दोनों की हत्या कर दी थी।
बिना किसी फरेंसिक जांच और मैटीरियल एविडेंस के इस तरह के आरोप लगाए जाने से गुस्साए तलवार दंपती और उनके करीबियों ने पुलिस पर जांच को भटकाने का आरोप लगाया था।

आरुषि की हत्या के एक सप्ताह बाद ही राजेश तलवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। जमानत पर रिहा होने से पहले वह 60 दिनों तक जेल में रहे थे।

– पुलिस की जांच पर सवाल उठने के बाद तत्कालीन सीएम मायावती ने जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी थी।