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मरणोपरांत अंगदान को बढ़ावा देने की जरूरत : अनुप्रिया

नयी दिल्ली 27 नवंबर (ब्यूरो) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अंगदान को ”परमात्मा जैसा कृत्य“ बताते हुये आज कहा कि देश में मरणोपरांत अंगदान को बढ़ावा देने की जरूरत है।
सुश्री पटेल ने नवें भारतीय अंगदान दिवस पर राष्ट्रीय अंग एवं कोशिशक प्रत्यारोपण संगठन द्वारा यहाँ आयोजित एक कार्यक्रम में कहा ”तर्क एवं औचित्य के दृष्टिकोण से जीवनदान से बढ़कर कोई दान नहीं है और प्रकार अंगदान ‘परमात्मा जैसा कृत्य¹ है।“ उन्हांने कहा कि अंग प्रत्यारोपण के लिए हम मुख्यतः जीवत अंगदाताओं पर निर्भर हैं। देश में मात्र 23 प्रतिशत प्रत्यारोपित अंग की मरणोपरांत अंगदान से प्राप्त होते हैं। मरने के बाद अंगदान को बढ़ावा दिये जाने की जरूरत है क्यांकि इससे अंगां की खरीद-फरोख्त और जीवित अंगदाता के स्वास्थ्य को होने वाले जोखिम को समाप्त किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि अंगदान को बढ़ावा देने के लिए जन भागीदारी और जागरूकता जरूरी है। अंगदान को लेकर कई तरह के मिथक और गलत धारणाएँ हैं। अधिकतर मौकां पर अंधविश्वास के कारण अंगदान को हतोत्साहित किया जाता है। उन्हांने लोगां से बिना किसी भय के अंगदान करने के लिए आगे आने की अपील की।
श्री चौबे ने कार्यक्रम में मौजूद लोगां को अंगदान की शपथ भी दिलाई।
इस मौके पर तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी- विजय भास्कर, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन, अतिरिक्त सचिव डॅा- आर-के- वत्स और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॅा- एस- वेंकटेश भी मौजूद थे।