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भारतीय ई-कॉमर्स मॉडल को विकसित करने की जरूरत : प्राइसमैप

नयी दिल्ली | (एजेंसी) आॅनलाइन मार्केट प्लेस प्राइसमैप ने भारतीय ई-कॉमर्स मॉडल को विकसित किये जाने की आवश्यकता बतायी है।

प्राइसमैप ने यहां जारी बयान में कहा है कि आॅनलाइन शॉपिंग वेबसाइटों पर ग्राहकों को अपनी पसंद की चीजें खरीदने की सहुलियत मिलती है और आॅफरों के बल पर उनकी बिक्री में भी तेजी आने के बावजूद अधिकांश वेबसाइट मुनाफा कमाने से दूर है।

उसने कहा कि देश में ई-कॉमर्स बाजार के इस वर्ष 2.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। लेकिन, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्­यवस्­था में ई-कॉमर्स कंपनियाँ मुनाफे की सीढ़ियाँ चढ़ने से अभी भी काफी दूर हैं और करोड़ों डॉलर निवेश करने वाले अब मुनाफे के लिए दबाव बनाने लगे हैं।
उसने कहा कि फिजिकल रिटेल मार्केट वालों को भी आॅनलाइन खरीदारों तक अपने उत्पाद पहुंचाने का मौका मिलना चाहिये। प्राइसमैप इसी दिशा में काम कर रही है और वह छोटे-छोटे दुकानदारों को आॅनलाइन उत्पाद बेचने का मौका दे रही है।

उसने कहा कि भारतीय ई-कॉमर्स कारोबार मॉडल को विकसित करने की जरूरत है ताकि 1.20 करोड़ रिटेलरों को इससे लाभ उठाने का मौका मिले और वे आॅनलाइन खरीदारों तक बिना कोई ज्यादा खर्च किये हुये पहुंच सकें। साथ ही ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा की जा सकें और रिटेल इंडस्ट्री पर निर्भर हर भागीदार को इससे लाभ कमाने का मौका मिले।