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बीसीसीआई की चेतावनी के बाद आईजेपीएल से हटे गंभीर

 नयी दिल्ली , 09 अक्टूबर (एजेंसी ) दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आपत्ति के बाद खुद को इंडियन जूनियर प्रीमियर लीग (आईजेपीएल) से अलग कर लिया है और इस बाबत उन्होंने बीसीसीआई को लिखित में सूचित किया है।

बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। बीसीसीआई ने बयान में स्पष्ट कर दिया कि इंडियन जूनियर प्रीमियर लीग (आईजेपीएल) और जूनियर इंडियन प्लेयर लीग (जेआईपीएल) जैसे जूनियर लीग को उनकी मान्यता नहीं है और इस तरह के ‘अस्वीकृत एवं गैर मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट’ में भाग लेने वाले खिलाड़यिों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आईजेपीएल ट्वंटी 20 पिछले महीने 19 से 29 सितंबर तक दुबई में खेला गया था। इस टूर्नामेंटों के आयोजकों ने इसे लांच करते समय हालांकि स्पष्ट किया था कि उनका बीसीसीआई से किसी तरह का कोई टकराव नहीं है और यह टूर्नामेंट उभरते क्रिकेटरों के लिए सिर्फ खुद को साबित करने का का एक मंच है।

बीसीसीआई ने यह भी साफ किया है कि इस तरह के लीग का समर्थन करने वाले गौतम गंभीर, ऋषि धवन और पारस डोगरा जैसे खिलाड़यिों ने इससे अपना नाम वापस ले लिया है और उन्होंने इस बारे में बीसीसीआई को लिखित में सूचित किया है कि उन्होंने इस तरह की गैर अधिकृत लीग से अपना नाम और समर्थन हटा लिया है।

बीसीसीआई ने साथ ही कहा है कि ऐसे खिलाड़ियों के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल करना अब गैर कानूनी होगा और ऐसा करने पर कार्रवाई की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि गंभीर ने गत वर्ष सितम्बर में देश के पहले जूनियर टी-20 लीग टूर्नामेंट आईजेपीएल का उद्घाटन किया था। लीग के ब्रांड एंबेसडर बने गंभीर ने तब जमीनी स्तर पर प्रतिभा की तलाश करने के उद्देश्य से शुरू की गयी इस लीग की सराहना करते हुए कहा था , “प्रतिभा ईश्वर प्रदत्त होती है, लेकिन उसे प्रदर्शित करने के लिए अब तक कोई मंच नहीं था। देश के युवा क्रिकेट खिलाड़यिों के लिए यह बहुत ही उपयोगी मंच साबित होगा।” बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा कि हमें पता चला है कि आईजेपीएल और जेआईपीएल के नाम से कुछ ट्वंटी -20 मैच, सीरीज, टूर्नामेंट या शिविर आयोजित किए जा रहे है। हम यह बताना चाहते हैं कि आईजेपीएल और जेआईपीएल के नाम से होने वाली लीग को बीसीसीआई और आईपीएल ना तो आयोजित कर रही है ना ही वे हम से जुड़े हुये है। हमने उन्हें कोई मान्यता भी नहीं दी है।

बयान में कहा गया है कि बीसीसीआई में पंजीकृत कोई भी खिलाड़ी अगर आईजेपीएल और जेआईपीएल जैसे लीग मैचों में हमारी सहमति के बिना जुडता है तो वह बीसीसीआई के नियमों और नियमनों की अवहेलना होगी। बोर्ड ने साथ ही कहा कि यदि बीसीसीआई से पंजीकृत खिलाड़ियों के नाम और छवि का अनाधिकृत इस्तेमाल होता है तो उसकी रिपोर्ट बीसीसीआई को की जा सकती है।