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पिंटो परिवार की जमानत पर फैसला सुरक्षित

डेस्क/एजेंसी। नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या मामले में पिंटो परिवार को मिली अंतरिम जमानत निरस्त करने संबंधी याचिका पर आज फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

न्यायालय इस मामले में 11 दिसम्बर को अपना फैसला सुनायेगा। न्यायमूर्ति गोयल ने कहा, ‘हम अपना आदेश सुरक्षित रखते हैं। हम सोमवार को फैसला सुनायेंगे।’ मृतक के पिता वरुण ठाकुर ने पिंटो परिवार के सदस्यों को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से मिली अंतरिम जमानत को खारिज करने का अनुरोध किया है।

याचिकाकर्ता की ओर से वकील सुशील टेकरीवाल ने दलील दी है कि रेयान इंटरनेशनल के मालिकों- अगस्टाइन पिंटो, उनकी पत्नी ग्रेस पिंटो और बेटे रेयान पिंटो- को जमानत देकर उच्च न्यायालय ने गलती की है।

गौरतलब है कि गत आठ सितम्बर की सुबह प्रद्युम्न की हत्या कर दी गयी थी। पहले हरियाणा पुलिस ने इस सिलसिले में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था। हालांकि मामला सीबीआई के पास जाने के बाद इसमें नया मोड़ आ गया। सीबीआई ने इसी स्कूल में ग्यारहवीं कक्षा के एक छात्र को गिरफ्तार किया है।

उसका दावा है कि इस छात्र ने स्कूल में पालक-शिक्षक बैठक यानी पीटीएम और परीक्षा टालने की गरज से प्रद्युम्न की हत्या कर दी थी। प्रद्युम्न को घटना वाले दिन स्कूल के टॉयलेट के बाहर लहूलुहान देखा गया था। इसके कुछ ही देर बार उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इस हत्या के लिए रेयान के प्रबंधन को भी लापरवाही का दोषी बताया है।