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‘पहले मैं दौड़ता था तो लोग पागल कहते थे, आज वही फॉलो कर रहे’

रायपुर

आज से लगभग 20 वर्ष पहले जब मैं सड़क, खेल मैदान या पार्क में घंटों दौड़ता था, तो लोग देखकर कहते थे- अरे यह कोई पागल है, जो दौड़ता ही रहता है, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें समझ में आया कि उनकी दौड़ पागलपन नहीं, बल्कि हेल्थ के लिए है।

कुछ साल बाद वे लोग भी उन्हें फॉलो करने लगे। यह बात गुस्र्वार को होटल जोन द पार्क में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यूनाइटेड सिस्टर्ड फाउंडेशन, फिटनेस आईकॉन व अभिनेता मिलिंद सोमण ब्रांड एंबेस्डर ने कही।

यह बात उन्होंने इस वजह से कही, क्योंकि एक समय था, जब लोग रनिंग को फिटनेस का फंडा नहीं मानते थे, लेकिन आज वह दौर आ गया है, जब रनिंग से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों को भी मात दी जा सकती है।

राजधानी में 12 नवंबर को होने वाली गोइंग पिंक मैराथन यूनाइटेड फाउंडेशन की ओर से आयोजित की गई है। यह मैराथन उन महिलाओं के लिए खास है, जो हाउस वाइफ होने के साथ खुद के फिटनेस का ध्यान नहीं रख पाती।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान मिलिंद ने बताया कि इंडिया गोइंग पिंक ही मुहिम फिट वीमेन फॉर फिट फैमली की नई कड़ी राजधानी में शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं घरेलू काम और पारिवारिक जीवन में इनता व्यस्त रहती हैं कि वे खुद के फिटनेस का ध्यान नहीं रख पातीं।

इस वजह से कई बार उन्हें बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इन सबसे लड़ने के लिए यह मुहिम शुरू की गई है। मिलिंद ने कहा कि रनिंग केवल बॉडी का फिट ही नहीं रखता बल्कि मानसिक थकान को मिटाता है। महिला अगर रनिंग नहीं कर कर पा रहीं तो व खुद घर में भी खुद एक्सरसाइज कर सकती हैं।

खास बात उन्होंने बताई कि इससे पहले दूसरे राज्यों में जब मैराथन हुई थी तो महिलाएं साड़ी, सलवार सूट और बुर्के में भी दौड़ने आई थीं। 3 से 21 किलोमीटर तक होगी दौड़ रायपुर गोइंग पिंक के तहत 3, 5, 10 और 21 किलोमीटर की कैटेगरी में रनिंग प्रतियोगिता होगी। प्रतिभागी अपने अनुसार रनिंग कैटेगरी का चुनाव कर सकेंगे।