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दिव्यांग कोच में गर्भवती पर किया हमला

कुर्ला। मुंबई के कुर्ला में आठ महीने की गर्भवती महिला को लोकल ट्रेन में बुरी तरह पीट दिया गया। उसका कसूर यह था कि वह भीड़ से बचने के लिए दिव्यांगों के लिए आरक्षित कोच में सवार हो गई थी। खास बात यह कि इस पर दिव्यांग मुसाफिरों को कोई आपत्ति नहीं थी। ट्रेन में चढ़े कुछ अन्य लोगों ने महिला तथा उसके पति पर हमला कर दिया।  छायाचित्र में लाल घेरे में दिख रहे दो चेहरे इस वारदात के आरोपी बताए गए हैं। खास बात यह है इन दोनों की करतूत की वीडियो रिकॉर्डिंग तथा स्टिल फोटो जीआरपी को दे दिए गए हैं, लेकिन खबर लिखने तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

यह वारदात मुंबई महानगर के कुर्ला और उल्हासनगर लोकल ट्रेन रूट के बीच की है। पीड़ित का नाम दिनेश तिवारी बताया गया है। वह उल्हासनगर के विट्ठलवाड़ी में रहते हैं। उनकी पत्नी अरुणा को आठ महीने का गर्भ है। शनिवार को दिनेश अपनी पत्नी को मुंबई के कामा अस्पताल ले गये थे। चेकअप के बाद वापसी के समय वह अरुणा के साथ दिव्यांग डिब्बे में सफर कर रहे थे। शाम 7 बजे उन्होंने छत्रपति शिवाजी स्टेशन से ट्रेन पकड़ी। भीड़ बहुत ज्यादा था, इसलिए गर्भवती पत्नी को भीड़ से बचाने के लिए वह कर्जत जाने वाली डबल फास्ट ट्रेन के दिव्यांग डिब्बे में चढ़ गया। अरुणा की हालत देखकर दिव्यांग मुसाफिरों ने उनके कोच में आने पर कोई आपत्ति नहीं की।

ट्रेन जब कुर्ला स्टेशन पहुंची, तो उसी डिब्बे में दो व्यक्ति चढ़े। उन्होंने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताते हुए दिनेश तथा उसकी पत्नी के दिव्यांग कोच में होने पर आपत्ति की। उनसे विकलांग होने का सबूत मांगा। तब महिला ने कहा कि भीड़ होने के कारण वे इस डिब्बे में चढ़ गए हैं और विट्ठलवाड़ी में उतर जाएंगे। इतना सुनते ही दोनों ने दिनेश को गाली देते हुए पीटना शुरू कर दिया। जब पत्नी छुड़ाने गई, तो उसकी भी लात-घूसों से पिटाई कर दी। गर्भवती को पिटता देख आस-पास के लोग उन दोनों आरोपियों पर टूट पड़े। लोगों का गुस्सा देख घबराए दोनों आरोपी डोंबिवली स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरकर फरार हो गए।

ट्रेन जैसे ही डोंबिवली स्टेशन पर रुकी, तब कुछ यात्रियों के साथ दिनेश जीआरपी पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवानी चाही लेकिन, जीआरपी के सीनियर पीआई हीरेमठ 3 घंटे बैठाने के बाद सिर्फ एनसी के तहत मामला दर्ज किया। जब मीडिया ने हीरेमठ से सवाल किया, तब उनका जवाब था कि दोनों अज्ञात आरोपी कुर्ला स्टेशन से चढ़े थे। इसलिए एनसी की जांच कुर्ला जीआरपी करेगी। वहीं, वहां मौजूद लोगों ने जीआरपी मोबाइल विडियो-फोटो दिखाए।