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ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना है लक्ष्यः इशांत

सिडनी, 27 नवम्बर (ब्यूरो) अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा का मानना है कि विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम भारत का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतना है और इस बार भारतीय टीम के पास सीरीज जीतने का सबसे सुनहरा मौका है।
30 वर्षीय इशांत ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ बुधवार से होने वाले एकमात्र चार दिवसीय अभ्यास मैच की पूर्वसंध्या पर संवाददाताओं से कहा, ”ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सबसे खराब दौर से गुजरने के बावजूद कघ्ी चुनौती देने में सक्षम है और हम उसे हम हल्के में नहीं ले सकते।“

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन ट्वंटी-20 मैचां की सीरीज 1-1 से बराबर रही थी जिसके बाद यह अभ्यास मैच खेला जाएगा और दोनां टीमां के बीच बॅार्डर-गावस्कर ट्रॅाफी का पहला टेस्ट मैच 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। दोनां देशां के बीच ऑस्ट्रेलिया में पिछली बार 2014-15 में चार टेस्ट की सीरीज खेली गई थी, जिसमें भारत को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था।
87 टेस्टां में 256 विकेट ले चुके इशांत ने कहा, ”हमारा ध्यान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर लगा हुआ है और हम अभी अन्य बातां के बारे में नहीं सोच रहे हैं। हम यहां लंबे समय के बाद खेल रहे हैं, इसलिए अभ्यास मैच हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अभ्यास मैच से हमें यहां की परिस्थितियां के साथ तालमेल बैठाने का मौका मिलेगा। हमने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में बेहतर खेल दिखाया था। हम किसी प्रकार की दबाव में नहीं हैं।“

सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजी के अगुवा इशांत ने कहा, ”टेस्ट में बहुत कुछ मैच के दिन निर्भर करता है। क्रिकेट में जो भी देश के लिए खेल रहा है, वह अच्छा ही खेलता है। हमारा लक्ष्य सीरीज जीतना है और हम सभी का ध्यान इसी लक्ष्य पर केंद्रित है। हम व्यक्तिगत प्रदर्शन के बारे में नहीं सोच रहे।“
भारतीय तेज गेंदबाजां ने इस साल इंग्लैंड दौरे में शानदार प्रदर्शन किया था और इशांत ने पांच टेस्टां में 18 विकेट हासिल किये थे। कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री ने इंग्लैंड दौरे में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की तारीफ की थी और मौजूदा आक्रमण को भारतीय क्रिकेट इतिहास का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण बदताया था।

इस सराहना के बारे में पूछे जाने पर इशांत ने कहा, ”यह हमारे लिए प्रेरणा की बात है और इससे गेंदबाजां का मनोबल बघ्ता है। इससे कोई दबाव नहीं आता। टीम में गेंदबाजां के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और हर गेंदबाज को टीम में अपनी जगह बनाये रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होता है। यदि आप अच्छा नहीं खेलेंगे तो बाहर बैठना पड़ सकता है।“