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इसरो ने पीएसएलवी-सी39 की विफलता को सुधारा : किरण कुमार

श्रीहरिकोटा  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने आज यहां के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-40 सी के जरिये पृथ्वी अवलोकन उपग्रह कार्टोसैट-2 सहित 31 उपग्रहों के सफल प्रक्षेपण को “बड़ी उपलब्धि” बताते हुए इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि वैज्ञानिकों ने पीएसएलवी-सी39 की विफलता को बहुत जल्द सुधार किया।

श्री कुमार ने सफल प्रक्षेपण के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इसरो ने 2018 की शुरूआत बड़े पैमाने पर की है। उन्होंने कहा,”पीएसएलवी सी 39 के प्रक्षेपण के दौरान हमें हीट शील्ड समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बाद गठित समितियों ने कड़ाई से उन सुधारात्मक उपायों को अंजाम दिए जो सिस्टम को अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक थे। आज जो हुआ है, यह इंगित करता है कि समस्या ठीक से समझ ली गयी और उसमें सुधार कर लिया गया।

हम देश को कार्टोसैट -2 श्रृंखला के एक उपग्रह और अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण का नव वर्ष का उपहार देने को लेकर बेहद खुश हैं।” इसरो अध्यक्ष ने कहा कि कार्टाेसैट-2 और अन्य उपग्रह निर्दिष्ट स्थान पर स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कार्टाेसैट-2 का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। इस वर्ष इसरो ने व्यापक गतिविधियों की योजना बनायी है तथा जीएसएलवी एमके-कक के अगले माह होने वाले प्रक्षेपण की तैयारी जोरों पर है।

सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक पी कुन्हीकृष्णन ने कहा कि आज की सफलता यह साबित करती है कि इसरो टीम के काम के बेहतर नतीजे सामने आए हैं। यह मिशन न केवल श्री कुमार के प्रति एक सम्मान है बल्कि यह हमारे नये नामित अध्यक्ष डॉ के सिवन के स्वागत में भी है।

डा. के सिवन ने कहा कि दूसरे लांच पैड पर जीएसएलवी एमके-कक के प्रक्षेपण की तैयारी जोरों से चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम लांच पैड के अलावा दूसरे लांच पैड से हम तीन लगातार प्रक्षेपणों की योजना बना रहे हैं।

इसरो अपनी क्षमता को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए एसएचएआर परियोजनाओं के जरिये एक साथ कई प्रक्षेपणों की भी तैयारी कर रहा है।

उन्होंने बताया कि श्रीहरिकोटा के प्रथम लांच पैड को एक साथ 15 प्रक्षेपणों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसरो ने साढ़े चार माह पहले एक बड़ी विफलता के बाद पूरे प्रक्षेपण यान समुदाय और विभिन्न टीमों ने गहन मशविरे के बाद सभी समस्याओं का निराकरण किया।

डा. सिवन 14 जनवरी को श्री कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद इसरो अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगें।

डा. सिवन ने कहा,”इस अभियान का महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पुरानी विफलता के बावजूद कई उपभोक्ता पीएसएलवी-सी40 का प्रक्षेपण देखने आये। यह पीएसएलवी में उनके विश्वास का एहसास कराता है और इसरो भविष्य में भी उनकी आकांक्षाओं को पूरा करता रहेगा।”

इसरो उपग्रह केंद्र के निदेशक एम अन्नादुरई ने कहा कि इसरो टीम ने काफी कम समय में तीन उपग्रहों को प्रक्षेपण के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा,”यह योजनाओं, तैयारियों और निष्पादन के संदर्भ में हमारी कार्य संस्कृति को प्रतिंिबबित करता है।”