विदेश

आत्मघाती दस्ते ने 27 रिवोल्यूशनरी गार्डों को मार गिराया

तेहरान (हि.स.)| पाकिस्तान और ईरान सीमा पर सिस्टान-बलूचिस्तान में एक कट्टर सुन्नी आत्मघाती दस्ते ने एक बस में सफर कर रहे 27 ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्डों को धमाके में मार डाला। सुन्नी मुस्लिम मिलिटेंट गुट जैश एल-अदल ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। ईरान के विदेश मंत्री ने हमले के पीछे मिडल ईस्ट में अमेरिकी ख़ुफ़िया से प्रभावित हितों से संबंध जोड़ने का आरोप लगाया है। सन 1979 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के तहत गठित ईरान की सरकार के लिए इसे बड़ा झटका बताया जा रहा है। जैश अल-अदल का गठन सात साल पहले सुन्नी बहुल कबीले सिस्टान-बलूचिस्तान में हुआ था। इनका ईरान की शिया इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड सरकार पर आरोप रहा है कि वह सुन्नी समुदाय के साथ पक्षपात कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिवोल्यूशनरी गार्डों से भरी एक बस बुधवार को पाकिस्तान-ईरान सीमा से वापस लौट रही थी| पीछे से जैश एल -अदल गुट की विस्फोटकों से भरी एक कार बस के पीछे -पीछे आ रही थी। जैसे बस खाश-जहेड़न पहुंची, कार में विस्फोट हो गया। एक बयान में कहा गया है कि यह मिलिटेंट गुट सुन्नी मिलिटेंट का है, जो किसी अन्य आस्था के अनुयाइयों को सबक सिखाना चाहते हैं।